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इकाई–3 : स्वास्थ्य संवर्धन हेतु योग
1. प्रस्तावना (Introduction)
स्वास्थ्य मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति है। स्वस्थ व्यक्ति ही अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता तथा प्रदूषण के कारण अनेक शारीरिक और मानसिक रोग बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में योग एक वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक जीवन-पद्धति के रूप में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है।
योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से शांत, भावनात्मक रूप से संतुलित तथा आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनता है।
इसी कारण स्वास्थ्य संवर्धन के लिए योग को विश्वभर में अपनाया जा रहा है।
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2. मानव शरीर का परिचय (Introduction to Human Body)
मानव शरीर क्या है?
मानव शरीर प्रकृति की एक अत्यंत जटिल एवं अद्भुत रचना है। यह करोड़ों कोशिकाओं (Cells), ऊतकों (Tissues), अंगों (Organs) तथा विभिन्न तंत्रों (Systems) से मिलकर बना है। सभी तंत्र एक-दूसरे के सहयोग से शरीर को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखते हैं।
मानव शरीर के प्रमुख तंत्र
(1) अस्थि तंत्र (Skeletal System)
शरीर को आकार एवं सहारा प्रदान करता है।
आंतरिक अंगों की रक्षा करता है।
शरीर की गति में सहायता करता है।
वयस्क मानव में लगभग 206 हड्डियाँ होती हैं।
(2) मांसपेशी तंत्र (Muscular System)
शरीर की गति करवाता है।
शरीर को शक्ति एवं संतुलन प्रदान करता है।
आसनों के अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(3) श्वसन तंत्र (Respiratory System)
ऑक्सीजन को शरीर के अंदर पहुँचाता है।
कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालता है।
प्राणायाम से यह तंत्र अधिक प्रभावी बनता है।
(4) पाचन तंत्र (Digestive System)
भोजन का पाचन करता है।
शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराता है।
योगासन एवं प्राणायाम पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं।
(5) रक्त परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)
हृदय और रक्त वाहिकाओं से मिलकर बना है।
पूरे शरीर में ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व पहुँचाता है।
योग से रक्त संचार बेहतर होता है।
(6) तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
शरीर की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
मस्तिष्क, मेरुरज्जु तथा नसें इसका भाग हैं।
ध्यान एवं प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत और संतुलित रखते हैं।
योग का मानव शरीर पर प्रभाव
शरीर के सभी तंत्रों का संतुलित विकास करता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
थकान और तनाव कम करता है।
शरीर को स्वस्थ, लचीला एवं ऊर्जावान बनाता
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